अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। – भजन संहिता 37:5
आप परमेश्वर में भरोसा विकसित करना सीखने के द्वारा अपने जीवन को साधारण बना सकते है। बहुत बार, हम अपने आप को भरोसा करने की अनुमति नहीं देते। हो सकता है कि बहुत बार आपका भरोसा छला गया हो, या हो सकता है कि आप एक बहुत आजाद व्यक्ति है। फिर भी, परमेश्वर पर भरोसा करना सीखना आवश्यक है।
तनावग्रस्त हो जाना और उदास होना, स्वयं अपने जीवन को चलाने का प्रयास करना आसान है, पर वह कभी भी कार्य नहीं करता है। और परमेश्वर की योजना सदा आपकी योजना से उत्तम होती है। जो व्यक्ति परमेश्वर पर भरोसा करता है वह जानता है कि उसका मार्ग उत्तम है।
अब भरोसा जादूई ढंग से अपने आप नहीं होता। भरोसा तब बढ़ता है जब हम विश्वास के कदम बढ़ाते और परमेश्वर की वफादारी का अनुभव करते है। आपको संदेह, भय, असुरक्षा, या शायद आपकी उग्र आजादी का भी विरोध करना होगा ताकि आप पूरी तरह से परमेश्वर पर भरोसा कर सकें ऐसा जीवन जिए। जब आप ऐसा करते हैं, तब आपको अपने जीवन को कार्य करने वाला बनाने के लिए बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना होगा।
परमेश्वर पर भरोसा करना हमारे प्राणों के लिए एक अलौकिक आराम को ला सकता है, जो हमें साधारण और आजाद जीवन व्यतीत करने, जैसा वो चाहता वैसा जीवन व्यतीत करने की अनुमति देता है। इसलिए जब इसका कोई मतलब भी नहीं निकलता, तब उस पर भरोसा करें, और उसकी स्वतंत्रता और आराम का अनुभव करें।
आरंभक प्रार्थना
परमेश्वर, आपके मार्ग मेरे मार्गो से उत्तम है, और मैं जानती हूँ कि मेरी अपनी ताकत पर भरोसा करना मुझे कहीं नहीं ले जाएगा। मैं अपना भरोसा आप पर रखती हूँ। यहां तक कि जब मुझे कुछ समझ नहीं भी आता, मैं आप पर भरोसा करना चुनती हूँ, यह जानते हुए कि आप अपनी योजनाओं को पूरा करेंगे।