सो हम में से हर एक परमेश्वर को अपना अपना लेखा {न्याय के संदर्भ में एक उत्तर देगा} देगा। – रोमियों 14:12
बहुत से लोग उनके जीवनों के लिए कभी भी परमेश्वर के उद्देश्य को इसलिए पूरा नहीं कर पाते क्योंकि वो प्रत्येक को प्रसन्न करने में लगे रहते है। संसार ऐसे लोगों से भरा पड़ा है जो सोचते है कि उन्हें पता है कि उन्हें अपने जीवन के साथ क्या करना चाहिए।
लेकिन बाइबल कहती है कि आप किसी और को नहीं बल्कि परमेश्वर को एक हिसाब देंगे, कि आप कैसे जीवन जिए हैं। इसलिए हमें हर दिन परमेश्वर के अनुग्रह द्वारा, जो उसे प्रसन्न करता है ऐसे ढंग में जीवन व्यतीत करने का हमारा भाग करते हुए रहने की आवश्यकता है।
क्या आप भीड़ के पीछे चलने की बजाए आपके दिल का अनुसरण करने के लिए काफी साहसी है? क्या जब बहुत सी आवाजें आपको इससे दूर हटाने का प्रयास करती है तब भी आप मसीह पर केन्द्रित होते है?
यहां पर संसार में दो किस्म के लोग होते हैः वह जो कुछ होने का इंतजार करते और वो जो बातों को होने वाला बनाते है। परमेश्वर ने आपको उसके राज्य के लिए महान बातें करने के लिए बुलाया है-और उसने उन्हें पूरा करने के लिए मसीह में सब जो आपको चाहिए वो दिया हुआ है।
इसलिए इच्छानुरूप बनें और उद्देश्य के साथ जीवन व्यतीत करें। बाकी हर एक क्या कर रहा है यह देखते हुए इंतजार न करें और फिर उठकर उनके पीछे न हो लें। अपने आपको प्रेरित करें, एक निर्णय लें, और आगे बढ़ते जाएं!
आरंभक प्रार्थना
प्रभु, मैं अपना जीवन केवल आपको प्रसन्न करने के लिए व्यतीत करना चाहती हूँ, अन्यों को नहीं। मैं साहस के साथ उस उद्देश्य में कदम बढ़ाना चाहती हूँ जो आपके पास मेरे लिए है। मैं पीछे ही बैठी नहीं रहूँगी, पर मैं आपके लिए जीवन को व्यतीत करना ठानती हूँ।