यीशु को कैसे जानें

जब आप सीखते कि कैसे यीशु को जानना, आप आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना में एक अद्भुत  यात्रा को आरंभ करते है। रोमियों 3:23 कहती हैः सब ने पाप किया और परमेश्वर की महिमा से रहित है। यीशु को जानना साधारण उसके लिए आपकी आवश्यकता को पहचनना है, जो उसने आपके लिए किया उस पर विश्वास करना और उसके अद्भुत उपहार को प्राप्त करना। यह इस बात को पहचानना है कि आप इस जीवन को स्वयं नहीं व्यतीत कर सकते, कि आपने पाप किया है और एक उद्धारकर्ता कि आपको जरूरत है। और यीशु को जानने के बारे, उद्धार पाने के बारे सुसमाचार वह बुरी और पापी बातों जो आप ने की है, और बदले में, परमेश्वर आपको वह सब जो आपके पास है वो देता है। चाहे कि आप इसे जानते है या अभी नहीं, आपके जीवन के लिए उसकी योजना अद्भुत है, और यह उस यात्रा में पहला कदम है।

“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नष्ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए” -यूहन्ना 3:16

प्रार्थना

रोमियों 10:9 कहती है कि कि यदि तू अपने मुँह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे, और अपने मन से विश्वास करे कि परमेश्वर ने उसे मरे हुआ में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा। इसे ऊँचा प्रार्थना करेः

 

यीशु, मैं जानता हूँ कि मैंने पाप किया है और मुझे एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता है। मैं विश्वास करता हूँ कि जब आप सलीब पर गए, आप वहां पर मेरे लिए और मेरे पापों के लिए गए। मै अभी इसी समय मुझे बचाने के लिए भरोसा करता हूँ। मैं मेरा जीवन आपको देता हूँ। आज, मैं जानता हूँ कि मैंने उद्धार पाया है और यह आपने मुझे क्षमा किया है, मेरी यह जानने में सहायता करें कि प्रतिदिन आपके लिए जीवन व्यतीत करने का क्या अर्थ होता है। आमीन।

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