और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारिहत कुछ काम का है, परन्तु केवल, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है। – गलातियों 5:6
किसी भी बात से बढ़कर, परमेश्वर चाहता है कि हमारे पास उसके लिए और अन्यों के लिए वास्तविक, शुद्ध और त्रीव प्रेम हो। अगर हम हमारे जीवनो में केवल एक ही बात कर सकें, तो यह अन्य लोगों के लिए प्रेम होना चाहिए।
बहुत से लोग सोचते है कि महान विश्वास ही आत्मिक परिपक्ता का सबसे पहला चिन्ह है। पर मैं विश्वास करती हूँ कि प्रेम में चलना ही आत्मिक परिपक्ता की एक सच्ची परख है, और मैं जानती हूँ कि यह हमारे विश्वास की यात्रा में ऊर्जा भरता है।
बाइबल सिखाती है कि विश्वास प्रेम के द्वारा कार्य करता है। गलातियों 5:6 कहती है कि जो वास्तव में मायने रखता है वह क्रियाशील और ऊर्जा से भरा और प्रेम के द्वारा प्रकट किया और कार्य करता विश्वास है। प्रेम, वह हम जो कहते या एक सिद्धान्त नहीं है; यह क्रिया है।
प्रेम के बिना विश्वास में चलने का प्रयास करना बिना बैटरी के टॉर्च रखने जैसा है। हमें हर समय हमारी “प्रेम की बैटरी” को चार्ज रखना चाहिए, नहीं तो हमारा विश्वास कार्य नहीं करेगा! मेरा मानना है कि मसीही समस्याओं में तब पड़ते हैं जब वे अपने विश्वास और परमेश्वर के साथ रिश्ते का एक अनिवार्य भाग के रूप में प्रेम में चलने का यत्न नहीं करते हैं।
इसलिए प्रेम से भरे जीवन में चलें, और अपने विश्वास को बढ़ता और वृद्धि करता देखें। जब परमेश्वर का प्रेम पहले आता है, तो पीछे-पीछे बाकी सबकुछ भी आ जाता है।
आरंभक प्रार्थना
परमेश्वर, मैं जानती हूँ कि प्रेम के बिना मेरा विश्वास व्यर्थ है। आपके प्रेम के साथ उमड़ते एक जीवन को व्यतीत करने में मेरी सहायता करें। मुझे आपका प्रेम पाने और अन्यों को आपका प्रेम देने में मेरा मार्गदर्शन करें।