विश्वास क्या है?

…देख, उसका मन फूला हुआ है, उसका मन सीधा नहीं है; परन्तु धर्मी अपने विश्वास के द्वारा जीवित रहेगा। -हबक्कूक 2:4

विश्वास एक वो शब्द है जो हम बेहद इस्तेमाल करते है, पर कई बार हम इसे बेहद जटिल बना सकते है। विश्वास का साधारण अर्थ है, “विश्वास और पूर्ण भरोसा; यह शब्द वफादारी और समर्पण का अर्थ रखता है।”

विश्वास एक भारी, जटिल सिद्धान्त नहीं है जिस पर हमें तनावग्रस्त होना है। परमेश्वर में असल विश्वास यह स्वीकार करता है कि यीशु मसीह की मृत्यु और पुनरूत्थान पूरी तरह से सत्य है। यह तब होता है जब हम कहते है, “केवल यह मुझे समझ में ही नहीं आता, पर मैं इस पर मेरे जीवन का दाँव लगाने को इच्छुक हूँ।”

बाइबल कहती है कि दृढ़ धर्मी विश्वास और वफादारी के द्वारा जीवित रहेगा। दृढ़ धर्मी को सोचने का एक ढंग उनके बारे सोचना है जो यीशु मसीह की सलीब पर की मृत्यु के द्वारा धर्मी बनाए गए थे।

विश्वास के द्वारा हम धर्मी बनते है, और परमेश्वर हमारे साथ अपने प्रिय बच्चों की तरह बर्ताव करता है।

आज, मैं आपको विश्वास की आधारभूत बातों में वापस आने के लिए उत्साहित करती हूँ। यह जानें कि जब आप उसमें अपना विश्वास रखते है, आप धर्मी बनाए जाते है। परमेश्वर में आपके भरोसे के साथ जीवन व्यतीत करें, जो प्रिय और खुली बाहों से, आप जैसे भी है वैसे ही आपको ग्रहण करने और प्रेम करने के लिए तैयार रहता है।


आरंभक प्रार्थना

प्रभु, मैं बहुत धन्यवादी हूँ कि मैं अपना विश्वास आप में रख सकती हूँ और “दृढ़ धर्मी” बन सकती हूँ। आज, मैं विश्वास के द्वारा आप में जीवन जी रही हूँ।

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